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बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

#NEPAL #BHARAT RELATION

भारत नेपाल मैत्री सम्बन्ध का इतिहास बहुत पुराना   है। मोदी सरकार ने नेपाल की आपदा में बढ़- चढ़ कर आर्थिक सहायता पहुंचाई ,चीन ने भी नेपाल के पुनर्निर्माण  सराहनीय मदद की,जिससे दोनों देशो के रिश्ते प्रगाढ़ हुवे,नेपाली और चीनी जनता के मध्य सहयोग बढ़ा,शायद यही से नेपाल -भारत के रिश्ते में कडुवाहटशुरू हुई। चीन की ओऱ नेपाल का  ज्यादा उदार होना स्वाभाविक है कि भारत  नागुवार होगा। हिन्दुस्तान का नेपाल के साथ सांस्कृतिक संबंध है. विश्व का एक मात्र हिन्दू राष्ट्र होने का अस्तित्व मिटता देख,भारत बेचैन है। प्रश्न ये है कि भारत बदलते परिवेश में नेपाल की कम्युनिस्ट, धर्म निरपेछ ,सरकार के साथ भारत  अपने रिश्ते कैसे सामान्य कर सकेगा। जहाँ चीन ने पुराने बंद हो चुके व्यापारिक रास्ते,नेपाल के लिए पुनः खोल दिए हैं। नेपाल सरकार ने भी चीन  के संग बड़े ब्यापारिक सम्बन्धो की नई शुरूवात की पहल की है। पेट्रोलियम उत्पादों की भारत की सबसे बड़ी कम्पनी इंडियन आयल कारपोरेशन,जो की नेपाल को पेट्रोल उत्पादों की आपूर्ति करती थी उसे नेपाल ने बंद कर चीन के साथ समझौता किया है। नेपाल सरकार के ये निर्णय से साबित होता है कि नेपाल पूर्णतः भारत पे निर्भर न रह कर बल्कि नए, मित्र बनाने की पहल करेगा।नेपाली जनता भी, विश्व के अन्य देशो के साथ सम्बन्ध बनाने की पक्छ्धर है.जिसे एक अच्छी पहल कही जा सकती है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2015

Rafique khan: #DADARI AND MODI

Rafique khan: #DADARI AND MODI: दादरी हत्याकांड के के २२ दिनों के बाद आज प्रधानमंत्री जी का इस मामले व्यक्तव आया इस घटना पर उन्होंने अफ़सोस जाहिर किया साथ ही एक प्रश्न कर द...

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015

#SUDHINDRA KULKARNI

क्या विभिन्न सांस्कृतिक विचारधाराओ, को ख़त्म कर देना भारत की आत्मा को ख़त्म करना  है? क्या अपना  एजेंडा  बलपूर्वक लागु करना सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को परिभासित करता है। एक  राजनैतिक लेखक ,सुधीन्द्र कुलकर्णी के चेहरे को स्याही से पोतकर अपमानित किया गया शिव सैनिक के इस कृत्य, को विरोध का अहिंसक तरीके  की संज्ञा दिया जाना कहां तक जायज है ?जहाँ दादरी कांड के विरोध में देश के बुद्धिजीवी लेखको का राष्ट्रीय पुरुस्कार, सरकार को लौटाने का सिलसिला जारी है ,वही इस घटना ने अंतर्मन को चोटिल कर दिया है. विचारधाराओ की स्वतंत्रता, लोकतान्त्रिक देश की प्राणवायु होती है,विरोध की ऐसी घटना से देश शर्मसार होता है!लेकिन राजनैतिक पार्टियां सिर्फ अपना हित  देखती है क्योंकि सत्ता, सर्वोपरि होता है ज़रूरत है हमारी लोकतांत्रिक मूल्यों, की भी अनदेखी ना की जाए और वैश्विक स्तर  हमारी बहुलतावादी छवि बनी रहें .

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

#DADRI HATYAKAND


दादरी हत्याकांड से उपजे विवाद ने एक बार फिर भारत के माथे पर कलंक  लगाया। प्रतिबंधित पशु गाए  की हत्या के अफवाह से पैदा विवाद ने इलाके को दंगे की चपेट में ले लिया। इस खबर पर भारत  के साथ-साथ विदेशी मीडिया ने भी इसे प्रमुखता  लिया। प्रश्न  ये है  की मंदिर के लाउड स्पीकर से गौ हत्या की खबर प्रसारण की गई तो  क्या मोबाइल से दादरी थाने में सूचना नहीं दी जा सकती थी ?? सीधे कानून  को अपने हाथ में  ले लेना ठीक नहीं था.आतताइयों ने बुजुर्ग अख़लाक़ की हत्या पीट -पीट कर दी ये ये भी नहीं देखा की इस परिवार का सदस्य वायुसेना में रह कर देश सेवा कर रहा है । बहरहाल फ़िज़ा मे जहर घुल चुका है,अख़लाक़ के परिवार दादरी छोड़ दिल्ली के वायु सैनिक परिसर में सिफ्ट हो गया है। अखिलेश सरकार ने मुआवजे का मरहम लगा दिया है जो वो हमेशा करती आई है। नेताओ, की जहरीली बयानबाजियों से शांतिप्रिय वर्ग व्यथित है तो वही प्रधानमंत्री मोदी जी का मौन धारण  कर लेना भी समझ से परे है।   बिहार चुनाव तक इस दादरी कांड को ईंधन मिलता रहेगा क्योंकि नेताओ को सिर्फ अपनी सत्ता और कुर्सी की फ़िक्र रहती है, वो इस मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना में  भी राजनितिक स्वार्थ सिद्धि करेंगे,जनता भली -भांति जानती है ।                                                               

मंगलवार, 29 सितंबर 2015

#BHARAT-NEPAL RELATION

भारत नेपाल मैत्री सम्बन्ध का इतिहास बहुत पुराना   है। मोदी सरकार ने नेपाल की आपदा में बढ़- चढ़ कर आर्थिक सहायता पहुंचाई ,चीन ने भी नेपाल के पुनर्निर्माण  सराहनीय मदद की,जिससे दोनों देशो के रिश्ते प्रगाढ़ हुवे,नेपाली और चीनी जनता के मध्य सहयोग बढ़ा,शायद यही से नेपाल -भारत के रिश्ते में कडुवाहटशुरू हुई। चीन की ओऱ नेपाल का  ज्यादा उदार होना स्वाभाविक है कि भारत  नागुवार होगा। हिन्दुस्तान का नेपाल के साथ सांस्कृतिक संबंध है. विश्व का एक मात्र हिन्दू राष्ट्र होने का अस्तित्व मिटता देख,भारत बेचैन है  साथ ही ही नेपाल के तराई छेत्रो के मधेसिओ की हित की चिंता है जो संविधान में अपना प्रतिनिधित्व की की मांग लगातार कर रहे है,जिनका भारत समर्थन करता उम्मीद है उनकी ज़ायज़ मांगें सरकार मान लेगी और भारत -नेपाल के रिश्ते पहले जैसे सामान्य हो जायेंगे। 

रविवार, 23 अगस्त 2015

भारत-पाक वार्ता.

एक बार फिर भारत-पाक वार्ता सियासत की भेंट चढ़ गई.सुनकर घोर निराशा हुई अब इस बात की चर्चा मीडिया में जोरों पर है कि दोषी कौन है भारत या पाकिस्तान.अंतराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका ने वार्ता विफल होने पर चिंता व्यक्त की है बहरहाल बार्डर के दोनों ओर बसे गांव के नागरिक इस विषय को लेकर  चिंतित है फिर एक बार गांव खाली करना पड़े . अपने पशु और खेती को छोड़कर जाने गम आम आदमी ही समझ सकता है राजनेता नही.

भारत-पाक वार्ता.

एक बार फिर भारत-पाक वार्ता सियासत की भेंट चढ़ गई.सुनकर घोर निराशा हुई अब इस बात की चर्चा मीडिया में जोरों पर है कि दोषी कौन है भारत या पाकिस्तान.अंतराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका ने वार्ता विफल होने पर चिंता व्यक्त की है बहरहाल बार्डर के दोनों ओर बसे गांव के नागरिक इस विषय  को लेकर चिंतित है फिर एक बार गांव खाली करना पड़े.अपने पशु और खेती को छोड़कर जाने गम आम आदमी ही समझ सकता है राजनेता नही.